UPI पेमेंट में बदलाव: NPCI ने खत्म किया Pull Transaction फीचर, जानिए पूरी जानकारी

UPI पेमेंट में बदलाव NPCI ने खत्म किया Pull Transaction फीचर, जानिए पूरी जानकारी
UPI पेमेंट में बदलाव NPCI ने खत्म किया Pull Transaction फीचर, जानिए पूरी जानकारी

भारत में डिजिटल पेमेंट्स ने लेन-देन का तरीका पूरी तरह बदल दिया है, और यूपीआई आज सबसे लोकप्रिय प्रणाली है। लेकिन 31 अक्टूबर 2025 से NPCI एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है—UPI का Pull Transactions (P2P Collect Requests) फीचर बंद कर दिया जाएगा। यह फीचर पिछले 11 साल से मौजूद था और इससे कोई भी व्यक्ति दूसरे से पेमेंट रिक्वेस्ट भेज सकता था। इसके बंद होने से UPI पर पैसे मांगने का तरीका बदल जाएगा, और अब ज्यादातर लेन-देन सीधे पुश पेमेंट (खुद पैसे भेजना) के जरिए ही होंगे।

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UPI Pull Transaction क्या है?

सबसे पहले समझते हैं कि Pull Transaction क्या होता है। यूपीआई में Pull Transaction वह ट्रांजैक्शन होता है जिसमें पेमेंट रिसीवर (जिसे पैसा चाहिए) पेमेंट भेजने वाले (पेयर) से पैसे मांगने के लिए रिक्वेस्ट भेजता है। इसे कभी-कभी Collect Request भी कहा जाता है। यह सुविधा कई यूपीआई आधारित एप्स जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि में उपलब्ध थी।

  • रिसीवर यूजर दूसरे की ओर से पैसे मांगने के लिए एक कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजता है।
  • पेयर को यह रिक्वेस्ट मिलती है और वह अपनी यूपीआई पिन डालकर पैसे भेजने की अनुमति देता है।
  • इस प्रक्रिया में ट्रांजैक्शन रिसीवर के इनिशिएटिव से शुरू होता है।
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सामान्यतः यह तरीका दोस्तों, परिवार या छोटे व्यापारियों के लिए पैसे लेने में उपयोगी था। इसे आप बैंक अकाउंट से बिल भुगतान या पैसे रिक्वेस्ट करने जैसा भी समझ सकते हैं।

Pull Transaction फीचर बंद करने का कारण क्या है?

यह फैसला NPCI ने मुख्यतः यूपीआई फ्रॉड को रोकने के लिए लिया है। आइए विस्तार से जानें कारण:

  • ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी: Pull Transaction का दुरुपयोग अपराधी यूजर्स को धोखा देने, फेक रिक्वेस्ट भेजने और पैसा निकालने के लिए कर रहे थे।
  • कम हिस्सा, बड़ा प्रभाव: यूपीआई के कुल ट्रांजैक्शन्स में इस फीचर का हिस्सा केवल लगभग 3% था, इसलिए इसे बंद करना तकनीकी रूप से आसान और प्रभावी तरीका था।
  • सुरक्षा बढ़ाना: रिसीवर की ओर से पैसे मांगने के ऑप्शन को खत्म कर देने से यूजर पूरी तरह से ट्रांजैक्शन का कंट्रोल रख पाएगा, जिससे फ्रॉड की घटनाएं घटेंगी।
  • व्यापारियों के लिए छूट: बड़े व्यापारी और वेरिफाईड मर्चेंट्स को इस फीचर का उपयोग जारी रखने की अनुमति दी गई है ताकि व्यावसायिक लेन-देन पर असर न पड़े।

NPCI का आधिकारिक निर्देश और लागू होने की तारीख

NPCI ने सभी बैंकों और यूपीआई पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेश दिया है कि 31 अक्टूबर 2025 से Pull Transaction को सिस्टम से हटाया जाए। इसका मतलब है:

  • 31 अक्टूबर 2025 के बाद यूपीआई एप में P2P कलेक्ट रिक्वेस्ट का ऑप्शन उपलब्ध नहीं रहेगा।
  • यूजर केवल Push Transaction के ज़रिए ही पैसे भेज सकेगा।
  • सभी यूपीआई आधारित ऐप्स को अपने सिस्टम अपडेट करने होंगे।

Push Transaction क्या है?

Push Transaction वह तरीका है जिसमें पेमेंट भेजने वाला स्वयं ट्रांजैक्शन की शुरुआत करता है। जैसे:

  • QR कोड स्कैन करके पैसे भेजना।
  • किसी यूपीआई आईडी पर सीधे पैसे ट्रांसफर करना।
  • बैंक अकाउंट से मर्चेंट या व्यक्ति को सीधे पैसे भेजना।

यह ट्रांजैक्शन बिलकुल सुरक्षित और यूजर द्वारा पूरी तरह कंट्रोल में होता है क्योंकि पेमेंट की शुरुआत स्वयं पेयर करता है। NPCI इस फीचर को पूरी तरह जारी रखेगा।

Pull Transaction बंद होने के बाद यूज़र्स के लिए क्या बदलाव होंगे?

यह बदलाव यूपीआई यूज़र्स के दैनिक ट्रांजैक्शन्स पर कई मायनों में असर डालेगा। आइए जानें कैसे:

  • पैसे मांगने की सुविधा खत्म: अब आप यूपीआई से सीधे किसी से पैसे मांग नहीं पाएंगे। यह सुविधा केवल Push Mode से ही संभव होगी।
  • सुरक्षा बढ़ेगी: ट्रांजैक्शन के लिए पूरी तरह कंट्रोल आपके हाथ में होगा, जिससे फ्रॉड की संभावना कम हो जाएगी।
  • पेमेंट की प्रक्रिया बदलेगी: आपको पेमेंट भेजने के लिए दूसरे व्यक्ति से रिक्वेस्ट का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि आप अपने ट्रांजैक्शन को खुद शुरू करेंगे।
  • व्यवसाय मर्चेंट के लिए छूट: बड़े और वेरिफाईड व्यापारी अब भी कलेक्ट रिक्वेस्ट के जरिए पैसे मांग सकते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित नहीं होगा।
  • माईक्रो और छोटे लेन-देन पर असर: छोटे व्यवसायों और दोस्तों के बीच कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर खत्म होने से लेन-देन में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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Pull Transaction बंद करने से यूपीआई फ्रॉड पर क्या असर पड़ेगा?

डिजिटल धोखाधड़ी से लड़ने के लिए यह कदम बेहद कारगर माना जा रहा है। क्यों?

  • जहां पहले फ्रॉडस्टर्स अनचाही कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजकर यूजर को ब्लैकमेल कर या धोखा देकर पैसे मंगवा लेते थे, अब वह ऑप्शन खत्म होने वाला है।
  • यूजर पूरी तरह खुद पैसे भेजने की पहल करेगा, इसलिए किसी अनजान व्यक्ति से अनचाहे पैसे जाने की संभावना कम होगी।
  • यह यूपीआई समुदाय में विश्वास बढ़ाने में भी मदद करेगा, क्योंकि अधिक सुरक्षित और पारदर्शी ट्रांजैक्शन होंगे।

UPI की लोकप्रियता और NPCI के सतत प्रयास

UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को क्रांति रूप दे दी है। वर्ष 2016 में लॉन्च होने के बाद, यूपीआई ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की और आज यह लाखों करोड़ के वैल्यू वाले लेन-देन को संभाल रहा है। NPCI लगातार नए फीचर्स और सुरक्षा के अपडेट लेकर यूपीआई को बेहतर बनाने में जुटा रहता है। Pull Transaction बंद करना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसका उद्देश्य यूपीआई को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।

UPI यूजर्स के लिए सुझाव और सावधानियां

यह बदलाव ध्यान में रखते हुए यूपीआई यूजर्स को कुछ सावधानियां बरतनी होगी ताकि वे सुरक्षित और सहज तरीके से डिजिटल ट्रांजैक्शन कर सकें:

  • सिर्फ भरोसेमंद और जान-पहचान वाले लोगों को ही पेमेंट भेजें।
  • किसी अनजान या संदिग्ध कलेक्ट रिक्वेस्ट को कभी अप्रूव न करें।
  • अपने यूपीआई ऐप के लेटेस्ट वर्शन का उपयोग करें।
  • अपने यूपीआई पिन को गोपनीय रखें और नियमित रूप से बदलते रहें।
  • Push Mode में पेमेंट करते समय जुड़ी सभी जानकारी, जैसे UPI ID, QR कोड आदि, सही है या नहीं, यह जांच लें।
  • UPI से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अपने बैंक या यूपीआई ऐप को तुरंत दें।
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NPCI के इस फैसले का प्रभाव: व्यावसायिक और व्यक्तिगत उपयोग

इस फैसले का असर अलग-अलग यूजर श्रेणियों पर अलग-अलग होगा:

व्यक्तिगत उपयोगकर्ता (P2P ट्रांजैक्शन)

  • दोस्तों और परिवार के बीच पैसे मांगने के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट का विकल्प खत्म होगा।
  • अब आपको सीधे पैसे भेजने होंगे बिना रिक्वेस्ट के।

छोटे व्यापारी और वेंडर

  • जब तक वे वेरिफाईड मर्चेंट नहीं हैं, उन्हें कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर का इस्तेमाल नहीं मिलेगा।
  • उन्हें ट्रांजैक्शन के लिए Push Mode या अन्य पेमेंट तरीकों पर निर्भर रहना होगा।

बड़े व्यापारी और वेरिफाईड मर्चेंट

  • वे अभी भी Pull Requests भेज सकते हैं, जिससे उनके बिजनेस ऑपरेशन प्रभावित नहीं होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या Pull Transaction बंद होने से यूपीआई का उपयोग मुश्किल हो जाएगा?

नहीं, यह सुविधा बंद होने से यूपीआई का उपयोग आसान हो जाएगा क्योंकि अब पूरी तरह पेमेंट भेजने वाले के कंट्रोल में होगा। बस यूजर को पैसे मांगने का विकल्प खत्म होगा।

2. क्या सभी यूपीआई ऐप्स में यह बदलाव होगा?

जी हां, सभी यूपीआई आधारित ऐप्स और बैंक इस बदलाव को 31 अक्टूबर 2025 तक लागू करेंगे।

3. क्या बड़ा व्यापारी Pull Requests जारी रख सकते हैं?

हाँ, वेरिफाईड और बड़े व्यापारी इस सुविधा का उपयोग जारी रख पाएंगे।

4. क्या Push Transaction पूरी तरह सुरक्षित है?

हाँ, Push Transaction में पेमेंट पूरी तरह से यूजर के नियंत्रण और स्वीकृति से होता है, इसलिए यह काफी सुरक्षित माना जाता है।

निष्कर्ष

NPCI का Pull Transaction फीचर बंद करने का निर्णय भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए एक निर्णायक कदम है। यह बदलाव यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि इससे पैसे मांगने का तरीका बदल जाएगा, इसका फायदा यूजर्स को ऑनलाईन धोखाधड़ी से सुरक्षा रूप में मिलेगा।

इसलिए, यूपीआई यूजर्स को चाहिए कि वे इस बदलाव को समझें, अपने यूपीआई एप्स को अपडेट रखें, और डिजिटल पेमेंट करते समय सुरक्षा के सभी आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखें। बदलाव के साथ नए युग में सुरक्षित और सतर्क डिजिटल लेन-देन करें।

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