PMFBY 2025: 35 लाख किसानों के खाते में पहुँचे ₹3900 करोड़ – अभी चेक करें मुआवजा लिस्ट

PMFBY 2025 35 लाख किसानों के खाते में पहुँचे ₹3900 करोड़ – अभी चेक करें मुआवजा लिस्ट
PMFBY 2025 35 लाख किसानों के खाते में पहुँचे ₹3900 करोड़ – अभी चेक करें मुआवजा लिस्ट
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 2025 के तहत देश के 35 लाख किसानों के बैंक खातों में ₹3900 करोड़ की बड़ी राशि डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर की गई है। यह राशि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट-प्रकोप आदि से हुए फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में दी गई है।

PMFBY 2025: ताजा अपडेट और महत्त्व

11 अगस्त 2025 को यह विशाल मुआवजा भुगतान राजस्थान के झुंझुनू में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में किया गया। इस भुगतान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली है जो खेती के जोखिमों को कम करता है।

राज्यों के अनुसार भुगतान का ब्योरा

  • राजस्थान के किसानों को ₹1121 करोड़
  • मध्य प्रदेश के किसानों को ₹1156 करोड़
  • छत्तीसगढ़ के किसानों को ₹150 करोड़
  • अन्य राज्यों के किसानों को ₹773 करोड़

यह रकम पूरे देश के किसानों को वितरित की गई है ताकि वे फसल नुकसान के आर्थिक प्रभाव से उबर सकें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?

PMFBY भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से हुए फसल नुकसान का मुआवजा देती है। इसका उद्देश्य किसानों की आय सुरक्षित करना और कृषि को स्थिर बनाना है। यह योजना खरीफ, रबी, वाणिज्यिक और बागवानी फसलों को कवर करती है।

योजना के मुख्य उद्देश्य

  • किसानों को फसल नुकसान के आर्थिक झटकों से बचाना
  • खेती में जोखिम कम कर किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाना
  • फसल बीमा के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना
  • कृषि के विकास को बढ़ावा देना और किसानों की आय सुनिश्चित करना

PMFBY के तहत प्रीमियम और सब्सिडी

किसानों को बीमा प्रीमियम के रूप में बहुत कम राशि देनी होती है, जो कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सब्सिडी के तौर पर पूरा करते हैं।

  • खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 2% प्रीमियम
  • रबी फसलों के लिए अधिकतम 1.5% प्रीमियम
  • वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5% प्रीमियम

PMFBY 2025 के नए अपडेट और नियम

खरीफ 2025 सीजन से, सरकार ने किसानों को समय पर मुआवजा दिलाने के लिए नए नियम लागू किए हैं:

  • राज्यों द्वारा सब्सिडी भुगतान में देरी पर 12% पेनल्टी का प्रावधान
  • बीमा कंपनियों के भुगतान में देरी पर भी 12% पेनल्टी
  • टेक्नोलॉजी आधारित क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया से पारदर्शिता और तेजी
  • डिजिटल माध्यम से मुआवजा भुगतान की व्यवस्था

PMFBY के लाभ: किसानों के लिए फायदे

  • प्राकृतिक आपदाओं में फसल नुकसान होने पर आर्थिक सहायता मिलती है
  • किसान खेती जारी रखने के लिए वित्तीय रूप से स्थिर रहते हैं
  • फसल बीमा होने से निवेश का भरोसा बढ़ता है
  • समय पर मुआवजा मिलने से आर्थिक संकट कम होता है
  • सरकारी और बीमा एजेंसियों से पारदर्शी और सरल सेवा प्राप्त होती है

मुआवजा लिस्ट और क्लेम स्टेटस कैसे चेक करें?

PMFBY के तहत अपना मुआवजा स्टेटस जानना बहुत आसान है। निम्नलिखित चरणों के जरिए आप क्लेम स्थिति और मुआवजा लिस्ट देख सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाएं।
  2. मुख्य पेज पर “Claim Status” या “मुआवजा स्थिति” सेक्शन खोजें।
  3. अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
  4. किसान पंजीकरण नंबर या आधार नंबर भरें।
  5. सबमिट करें और अपने क्लेम या मुआवजा लिस्ट को देखें।

आप स्थानीय कृषि कार्यालय या बीमा एजेंसियों से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

PMFBY के अंतर्गत कौन-कौन से फसलें शामिल हैं?

योजना में निम्न प्रकार की फसलें शामिल हैं:

  • खरीफ फसलें जैसे मक्का, धान, सोयाबीन, कपास आदि
  • रबी फसलें जैसे गेंहू, जौ, चना आदि
  • वाणिज्यिक फसलें जैसे गन्ना, तंबाकू आदि
  • बागवानी फसलें जैसे फल, फूल, सब्जियां आदि

आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण सुझाव

PMFBY में आवेदन करने के लिए किसान को अपने नजदीकी कृषि विभाग या अधिकृत बीमा एजेंसी के माध्यम से फॉर्म भरना होता है। यहां कुछ सुझाव हैं:

  • समय पर आवेदन करें ताकि बीमा कवरेज सुनिश्चित हो सके।
  • किसी भी फसल नुकसान की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
  • अपने बैंक खाते, आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज अपडेट रखें।
  • पॉलिसी और क्लेम से संबंधित सभी कागजात सुरक्षित रखें।

PMFBY 2025 का देशभर में प्रभाव

फसल बीमा योजना भारत में किसान समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच बन चुकी है। 2024-25 में 4 करोड़ से अधिक किसानों ने इस योजना का लाभ लिया है, जो इसे विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना बनाता है। इसका प्रभाव कृषि की स्थिरता, निवेश में वृद्धि और किसान की आर्थिक मजबूती के रूप में दिखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

PMFBY में डिजास्टर कवरेज क्या-क्या शामिल है?

यह योजना सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट-प्रकोप, तूफान, आग, भूकंप समेत कई प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान को कवर करती है।

क्या केवल छोटे किसान ही PMFBY के लाभार्थी हैं?

नहीं, यह योजना सभी तरह के किसानों के लिए खुली है चाहे वे छोटे, मध्यम या बड़े किसान हों।

क्लेम भुगतान का औसतन समय कितना होता है?

सरकार के नियमों के मुताबिक क्लेम भुगतान में देरी होने पर 12% पेनल्टी लगाई जाती है ताकि भुगतान त्वरित हो। भुगतान सामान्यतः कुछ सप्ताह से कुछ महीनों में किया जाता है।

PMFBY के लिए आवेदन कैसे करें?

आपका नजदीकी कृषि कार्यालय या बीमा प्रदाता आपको आवेदन प्रक्रिया में मदद करेगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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